Rishi Prasad- A Spiritual Monthly Publication of Sant Sri Asharam Ji Ashram

ग्रीष्मकालीन समस्याओं का समाधान

ग्रीष्मकालीन समस्याओं का समाधान

कमजोरी : सत्तू में घी व मिश्री अथवा आम के रस में घी व इलायची मिलाकर पीने से कमजोरी नहीं आती । रात को दूध में घी मिलाकर पीना भी लाभदायी है । साठी के चावल का भात व दूध सुपाच्य व शीघ्र शक्तिदायी आहार है ।  

प्यास व बेचैनी : पिसा हुआ धनिया, सौंफ व मिश्री का मिश्रण बनाकर पानी में भिगो दें और कुछ देर बाद पियें । नारियल पानी, शिकंजी, गन्ने का रस, पना, बेल के शरबत आदि से शीघ्र लाभ होता है । इनसे दाह व जलन भी शांत होती है। सॉफ्टड्रिंक्स प्यास, बेचैनी मिटाने का केवल क्षणिक एहसास दिलाते हैं । इनसे अंदरूनी गर्मी अत्यधिक बढ़ती है व अन्य कई गम्भीर दुष्परिणाम होते हैं ।

दस्त : दही के ऊपर का पानी २ चम्मच पीने से तुरंत राहत मिलती है । (पिछले अंक का पृष्ठ ३० भी देखें ।)

लू लगने पर : प्याज का रस शरीर पर मलें, पना पिलायें ।

चक्कर : सिर तथा चेहरे पर तुरंत ही ठंडे पानी के छींटें मारें । शीतल, तरल पदार्थ पीने के लिए दें ।

दाह : दूध में गुलकंद मिलाकर पियें । आँवले का मुरब्बा, सत्तू, मक्खन-मिश्री, मिश्रीयुक्त पेठे का रस खूब लाभदायी है ।

पेशाब में जलन : (१) गर्मी के कारण पेशाब में जलन या रुकावट होने पर कटी ककड़ी में मिश्री का चूर्ण मिला के ऊपर नींबू निचोड़कर खायें ।

(२) ककड़ी के १५० ग्राम रस में १ नींबू का रस और जीरे का चूर्ण मिलाकर पीने से मूत्र की रुकावट दूर होती है ।

मंदाग्नि : ककड़ी पर संतकृपा चूर्ण लगा के खाने से मंदाग्नि दूर होती है तथा भोजन में रुचि पैदा होती है । यह चूर्ण सभी संत श्री आशारामजी आश्रमों व सेवाकेन्द्रों पर उपलब्ध है ।  

 

 

पेशाब की जलन व रुकावट :

एक कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर निचोड़ लें । फिर इसे तह करके नाभि के नीचेवाले हिस्से (पेडू) पर वस्त्र हटा के रखें । कपड़े को उलटते-पलटते रहें । कपड़ा गर्म हो जाय तो फिर से ठंडे पानी में भिगो के रखें । लेटकर १५-२० मिनट यह प्रयोग करें ।

ककड़ी, खरबूजा, नारियल पानी, नींबू की शिकंजी आदि का सेवन करें । शिकंजी में धनिया, सौंफ व जीरे का चूर्ण मिलाकर लें । यथासम्भव हर घंटे-डेढ़ घंटे में आधा या एक गिलास सामान्य ठंडा पानी पीते रहें । इससे गर्मी के कारण होनेवाली

पेशाब की जलन व रुकावट दूर हो जाती है ।

पुनर्नवा (साटोड़ी) की गोली या सब्जी खाने से अथवा उसके रस का उपयोग करने से पेशाब व गुर्दे संबंधी तकलीफों में आराम होता है । गोखरू का रस व वरुणादि क्वाथ भी उपयोग में ले सकते हैं ।