वर्तमान में वैश्विक समस्या बनी हुई बीमारियों में से एक है मधुमेह । हम यहाँ मधुमेह में हितकर आहार-विहार, परहेज एवं ऐसा लाभदायी उपाय बता रहे हैं जो बिल्कुल निरापद है एवं जिसे सभी कर सकते हैं ।
कैसा हो आहार-विहार ?
* हितकारी आहार : कड़वे व कसैले रसयुक्त एवं पचने में हलके पदार्थ हितकारी हैं । प्रोटीन्स का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें । विटामिन्स, खनिज तत्त्वों एवं रेशों से भरपूर सब्जियाँ व फल तथा देशी गाय के दूध का सेवन भी यथोचित मात्रा में करना आवश्यक है । एक वर्ष पुराने अनाज का सेवन उत्तम है । करेला, मेथी, सेम की फलियाँ, भिंडी, परवल, सहजन, बथुआ, लौकी, तोरई, जमींकंद (सूरन), कुम्हड़ा, पत्तागोभी, फूलगोभी, बैंगन आदि सब्जियों एवं चुकंदर, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, अदरक, लहसुन आदि का सेवन हितकारी है । अनाजों में जौ, ज्वार, रागी, गेहूँ एवं दालों में मूँग, चना, मसूर आदि तथा सूखे मेवों में अखरोट व बादाम एवं फलों में जामुन, अंगूर, संतरा, मोसम्बी, स्ट्रॉबेरी, रसभरी हितकर हैं । देशी गाय का घी तथा हल्दी, मेथीदाना, अलसी, आँवला व नींबू का आहार में समावेश करें । काली मिर्च, राई, धनिया, जीरा, मिर्च, लौंग का यथायोग्य उपयोग कर सकते हैं ।
* हितकारी विहार: चरक संहिता के अनुसार विविध प्रकार के व्यायाम विशेषतः तेज गति से चलने का व्यायाम तथा योगासन, प्राणायाम एवं सूर्यनमस्कार करना हितकारी है । सुबह-शाम एक-एक घंटा तेजी से चलें । कृश व दुर्बल रोगी यथाशक्ति हलका व्यायाम करें ।
किनसे करें परहेज ?
आचार्य चरक लिखते हैं :
आस्यासुखं स्वप्नसुखं दधीनि
ग्राम्यौदकानूपरसाः पयांसि ।
नवान्नपानं गुडवैकृतं च
प्रमेहहेतुः कफकृच्च सर्वम् ।।
सतत सुखपूर्वक बैठे रहना, अति नींद लेना अर्थात् शारीरिक परिश्रम का अभाव, दही व दूध का अधिक सेवन, किसी भी प्रकार के मांसाहार का सेवन, नया अन्न (नया अनाज) व नया जल (वर्षा आदि का), गुड़, चीनी, मिश्री, मिठाइयाँ तथा कफ बढ़ानेवाले सभी पदार्थों (भात, खीर आदि) का अति सेवन प्रमेह के हेतु हैं । (प्रमेह रोग के 20 प्रकारों में से मधुमेह एक है ।) अतः इनका त्याग करना चाहिए । (चरक संहिता)
मधुमेह के लिए अनुभूत रामबाण प्रयोग
- पूज्य बापूजी
आधा किलो करेले काटकर किसी चौड़े बर्तन में रख के खाली पेट 1 घंटे तक कुचलें । 2-3 दिन में मुँह में कड़वापन महसूस होगा । 7 दिन खड़े-खड़े न कुचल सकें तो बीच में 5-10 मिनट कुर्सी पर बैठकर भी चालू रखें । करेले पके, बासी, सस्तेवाले भी फायदा करेंगे ही ।
इंसुलिन के इंजेक्शन लेनेवाले को भी इस 7 दिन के प्रयोग से सदा के लिए आराम हो गया व छूट गयी सारी दवाइयाँ ! मात्र कुछ दिन शाम को आश्रम में मिलनेवाली ‘मधुरक्षा टेबलेट’ नामक अचूक औषधि का प्रयोग करें ।