पॉलीथिन के उपयोग से बचें...

बदलते परिवेश में पॉलीथिन ने हर व्यक्ति के जीवन में जगह बना ली है । जहाँ देखो पॉलीथिन की थैलियों में ही सामान लाया ले जाया जा रहा है लेकिन क्या आप पॉलीथिन से होने वाली हानियों से अवगत हैं ?

पॉलीथिन पूर्णरूप से कभी नष्ट न होने वाला पदार्थ है इसके निर्माण में कई रासायनिक पदार्थों का प्रयोग किया जाता है, जिनमे से कुछ पदार्थ विषैले भी होते हैं

विशेषत: इसकी थैलियों को रंगीन बनाने हेतु जिन रंगों का प्रयोग किया जाता है वे स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होते हैं पॉलीथिन में रखे गये खाद्य पदार्थों को भी ये विषैले रसायन दूषित कर देते हैं  

यही नहीं, अधिकांश लोग थैलियों में कूड़ा करकट भरकर फेंक देते हैं । ये थैलियाँ मिट्टी में दब जाती हैं और उनके नीचे आने वाले छोटे मोटे कीड़े जीव-जंतु या पौधों के बीजों तक हवा का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है

इस तरह ये थैलियाँ उपजाऊ मिट्टी को बेकार कर देती हैं और उसमें पलने वाले जीव जंतुओं के ऊपर कफ़न का काम करती हैं किसी नाली में फँस जाने से भी यह परेशानी का कारण बन जाती हैं

जहाँ कहीं घास चरते हुए पशुओं द्वारा निगले जाने पर यह उनके आमाशय में पहुँचकर रोगों का कारण बन जाती हैं

सर्वाधिक सावधानी तो छोटे बच्चों के साथ रखनी आवश्यक है खेल खेल में थोडा सा भी पॉलीथिन खा लें तो वह उनकी भोजन नली या श्वासनली में फँसकर बड़ी भारी समस्या उत्पन्न कर सकती है

इसलिए पॉलीथिन के प्रयोग से बचने में ही सुरक्षा है । पॉलीथिन का प्रयोग आप भी नहीं करें, औरों को भी सावधान करें तथा जूट, सूत, कागज आदि से बनी थैलियों का उपयोग बढ़ायें      

लोक कल्याण सेतु, फरवरी से मार्च 2002, अंक-53 से...